Love Shayari in Hindi for Girlfriend

बोरे से भी बुरा वक्त निकल गया
मारा नही जहर भी निगल गया
मांगी इसे दोस्तों ने दावा मेरी यार
के खुदा पत्थर का था पिगल गया

कभी हो मुखातिब तो कहूँ क्या मर्ज़ है मेरा,
अब तुम दूर से पूछोगे तो ख़ैरियत ही कहेंगे…

हम मंजिल के मुसाफिर किसी के बातो पर ऐतबार नही करते
महबूब ने कहा था सफर में अंजान से बात नही करते
वो मेरा है उसकी एक इशारे पर खुद को फना कर दूंगा मैं
मोहब्बत में फना होने वाले लोग सबसे प्यार नही करते

हमें गुमनामी मंज़ूर है,पहचान आप रख लिजिये।
आने दो श्राप हिस्से में,वरदान आप रख लिजिये।।
फ़ीता फेंकोगे,कचहरी जाओगे,तारीख़ें पड़ेंगी-
हमसे नही होगा सब,ये मकान आप रख लिजिये।
वाह-वाही के निवाले तुम्हारी आदत हो गये हैं-
भूख लग सकती है,कद्रदान आप रख लीजिये।

❝पत्थरों से प्यार किया नादान थे हम,
गलती हुई क्योकि इंसान थे हम,
आज जिन्हें नज़रें मिलाने में तकलीफ होती हैं,
कभी उसी सक्स की जान थे हम।❜❜

मेरे हक में दुआ करने से क्या होगा
मेरे कमरे में उजाला करने से क्या होगा
हो ही रहा है बुरा से बुरा सफर ऐ जिंदगी में
हम ही न चल पाए तो सफर का क्या होगा

कुछ मेरे सब्र की,परीक्षा लेने वाले हैं,
जो भिखारियों से,भिक्षा लेने वाले हैं

मैं अपने शब्दों की बारात लाऊंगा…!!
तुम अपनी ग़ज़ल को घूंघट में रखना…!!!!

मेरी दुनिया में इतनी जो शौहरत है
मेरी माँ की बदौलत है
ऐ ऊपर वाले और क्या देगा तु
मेरे लिये तो मेरी माँ ही मेरी सबसे बड़ी दौलत है

सूरज से ज़ंग ज़ितने निकले थी बेवकूफ
सारे सिपाही मोम के थे, धूल के आ गए

मरने वालों को जीना सिखाते हो
जीने लगे हम तो जान निकाल लेते हो
आसमानों के ख्वाब दिखाते हो
और पैरों से जमीन छीन लेते हो

मरने वालों को जीना सिखाते हो
जीने लगे हम तो जान निकाल लेते हो
आसमानों के ख्वाब दिखाते हो
और पैरों से जमीन छीन लेते हो

मोहब्बत के बदले हमे तन्हाई मिली
खुशियों के बदले हमे रुसवाई मिली
इंतजार था तो तुम आए नही_खैर शुक्र है
जनाजा के बदले इनाम में उनकी मुंह दिखाई मिली

पेड़ मुझे हसरत से देखा करते थे,
मैं जंगल में पानी लाया करता था।

मंत्रणा कोई भी न सफल हो सकी,
प्रीत को तो समर में उतरना ही था,
हारना प्रेम में सब अमर कर गया,
जीत जाता प्रणय फिर तो मरना ही था.

देर तक ज़ख्म पर असर रखते हैं
मारने में थोड़ी सी,क़सर रखते हैं
इन परिंदों को ये बता दो जाकर
हम शिकारी हैं, क़फ़स रखते हैं

अरे क्या सीख सकोगें भला हिजरत से हमारी,
तुम लोग मजा लेते हो हालत से हमारी,
हम कौन हैं ये बात तुम्हें लिख के बताएं,
अंदाजा नहीं होता शबाहत से हमारी….💔

गाली को प्रणाम समझना पड़ता है,
मधुशाला को धाम समझना पड़ता है,
आधुनिक कहलाने की अंधी जिद में,
रावण को भी राम समझना पड़ता है….

दिल की तरह हम भी धड़क रहे हैं
प्यार में इस कदर हम भी मचल रहे है
क्या पता था हमको उनके बारे में ऐं दिल
क्योंकि वो तो किसी दूसरे के लिए तड़प रहे हैं

अजब सी मिठास है उसकी ज़बां में,
जाने क्या ख़ास है उसकी ज़बां में,
वो बोलती है तो हम जी जी करते हैं,
ये हम ही नहीं मियां सभी करते हैं।

मैं बोलता गया हूँ वो सुनता रहा खामोश,
ऐसे भी मेरी हार हुई है कभी -कभी।

शर्म, दहशत, झिझक, परेशानी
नाज़ से काम क्यों नहीं लेतीं
आप, वो, जी, मगर ये सब क्या है
तुम मेरा नाम क्यों नहीं लेतीं

कौन सी बात थी तुम नहीं आ सके,
क्या वही बात जो हम नहीं गा सके,
तुम भी तन्हाई के चारागर कब हुए,
हम भी बीमार को घर नहीं ला सके।

मैं नज़र से पी रहा हूँ ये समाँ बदल न जाए,
न झुकाओ तुम निगाहें कहीं रात ढल न जाए.

मेरी तस्वीर में रंग और किसी का तो नहीं ,
घेर ले मुझको सब आके, मैं तमाशा तो नहीं ,
ज़िन्दगी तुझसे हर इक साँस पे समझौता करूँ ,
शौक़ जीने का है मुझको, मगर इतना तो नहीं.

नदी…
हर इक मूरत ज़रूरत भर का, पत्थर ढूंढ लेती है
कि जैसे नींद अपने आप, बिस्तर ढूंढ लेती है
अगर हो हौसला दिल में, तो मंजिल मिल ही जाती है
नदी ख़ुद अपने क़दमों से, समन्दर ढूंढ लेती है

उन्हें मेरे अल्फाज़,धुंधले नज़र आते हैं
हमको भी वो अब, अंधे नज़र आते हैं
उस एक खुदा का साथ, क्या छूटा की
अब ज़हा में हमें,सब बंदे नज़र आते हैं

मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था,
तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे,
ईद के दिन की तरह तुमने मुझे ज़ाया किया,
मैं समझता था मुहब्बत से गुज़ारोगे मुझे

उसकी याद हमें बेचैन बना जाती हैं,
हर जगह हमें उसकी सूरत नज़र आती हैं,
कैसा हाल किया हैं मेरा आपके प्यार ने,
नींद भी आती हैं तो आँखे बुरा मान जाती हैं.

आदमी देश छोड़े तो छोड़े अली
दिल मे बसता हुआ घर नही छोड़ता
एक मैं हूँ कि नींदे नही आ रही
एक तू है कि बिस्तर नही छोड़ता

अब उसकी शादी का क़िस्सा न छेड़ो
बस इतना कह दो , कैसी लग रही थी .. 🖤

एक आवाज़ कि जो मुझको बचा लेती है
ज़िन्दगी आख़री लम्हों में मना लेती है
जिस पे मरती हो उसे मुड़ के नही देखती वो
और जिसे मारना हो यार बना लेती है

तुम बनो राधिका तो तुम्हारी कसम,
कृष्ण-सा कोई वादा करूँगा नहीं,
जानकी बन के आओ अगर घर मेरे,
राम जैसा इरादा करूँगा नहीं

कुछ ख्वाहिशों का
अधूरा रहना ही ठीक है,
जिन्दगी जीने की ,
चाहत तो बनी रहती है।।

कोई शहर था जिसकी एक गली,
मेरी हर आहट पहचानती थी,
मेरे नाम का इक दरवाज़ा था,
इक खिड़की मुझको जानती थी

हर रात एक नाम याद आता है,
कभी सुबह कभी शाम याद आता है,
जब सोचते हैं कर लें दूसरी मोहब्बत,
तब पहली मोहब्बत का अंजाम याद आता है.

कुछ पैसे बचा कर रखे हैं मैंने,
ख्वाब टूटेगा तो शराब पर खर्च करूंगा।😒😒

क़तरा क़तरा कर के,बिखर रहा है
दरिया बूंदों से, व्यापार कर रहा है
ए रही यहां से, ज़रा रुक कर चल
मेरे सामने से,ज़माना गुज़र रहा है.

तेरे सर कोई इल्जाम नही ला सकता ,
अपने होंठो पे तेरा नाम नही ला सकता ,
एक गरीब मजदूर बाप का बेटा हु मै ,
इश्क में सूरज और चांद नही ला सकता .

दूरियां कुछ भी नहीं थी, पर हमें
हो न पाई ढाई आखर की ख़बर…
कुछ कहो मत, वक्त है आया नया,
दे रहा टूटे मुकद्दर की ख़बर…!!

मुझे मिला ही क्या तुम्हें चाहने के बाद
तुम्हें खुशी नहीं मेरे आने के बाद
मुझे मिला ही क्या तुम्हें चाहने के बाद आज हूं तो अहमियत समझ में आती नहीं बहुत याद करोगे हमारे चले जाने के बाद

तेरे प्यार का असर हो रहा है,
बाकी सब बे असर हो रहा है,
हर मुलाकात मे खास हो रहा है तु,
हर बार तू ओर पास हो रहा है।

कितना अजीब है उनका अंदाज़ -ए- मुहब्बत
रोज़ रुलाकर कहते हैं , अपना ख्याल रखना .. 🥺

बदनाम तो बहुत हैं हम जमाने में….
ये बता तेरे सुनने में कौन सा किस्सा आया…!!🥀✍🏿

लंबे अरसे बाद सदमें से बाहर आया हुं..
खुदा मेरे दुश्मनों को भी इश्क़ से बचाये..!!

दिल परेशान है मेरा तुझको मनाने के लिए
मैं हूं बेचैन मेरी जान तुझे पाने के लिए
तेरे दीदार का कोई तो बहाना मिल जाए
छत पे आजा तू जरा कपड़ा सुखाने के लिए

सुकूने दिल है मुहब्बत उसकी,
ग़र वो नहीं तो दिल का क्या करेंगे!!

उस पाने के लिए हमने
यार क्या सदिया गाल दी
बिना सोचे उसने भी यार
हमारी दुनिया उजाड़ दी

हाथ की सब लकीरों ने बदल ली राहें
हो गया हादसा हमारी तक़दीर के साथ..

वक्त नूर को बे नूर बना देता है
छोटे से ज़ख्म को न सूर बना देता है
कौन चाहता है अपनो से दूर रहना मगर
वक्त हर एक मजबूर बना देता है

अरे मेरे से प्यार की भीख मंगाए गा
मुझसे यार बेरुखी करके दिखाए गा
अरे में पहले से ही बहुट हो मुझे सतने
के चाकर में तो खुद सत्या जाए गा

बहुत कुछ लुटा चुका हूँ,जिंदगी में अपनी यारो…….
वो जज्बात तो मेरे ना लूटो,लिखकर जो बयाँ करता हूँ..!🥀✍🏿

हर चीज तो है मौजूद यहाँ, एक तू ही नही,
एक तू ही नही, एक तू ही नही….😒
और मेरी आंखों में रोने की हिम्मत ही नहीं, आसूं ही नही…!

कितना खूबसूरत चेहरा है तुम्हारा,ये दिल तो बस दीवाना है तुम्हारा..
लोग कहते है चाँद का टुकड़ा तुम्हें,पर मैं कहता हूँ चाँद भी टुकड़ा है तुम्हारा…!🥀✍🏿

इत्तेफ़ाक़ से मिल जाते हो ,जब तुम राह में कभी…..
युँ लगता है करीब से ज़िन्दगी जा रही हो जैसे..!🥀✍🏿

जवानी में कई ग़ज़लें अधूरी छूट जाती हैं,
कई ख़्वाहिश तो दिल ही दिल में पूरी छूट जाती हैं….
जुदाई में तो मैं उससे बराबर बात करता हूं,
मुलाक़ातों में सब बातें, अधूरी छूट जाती हैं…!!

हया से सर झुका लेना अदा से मुस्कुरा देना,
हसीनों को भी कितना सहल है, बिजली गिरा देना…!!

मैं अपनी मोहब्बत शिद्दत से निभा रहा हूँ ,
आजकल मैं तुझे ख़्वाबों में चाह रहा हूं…!

किसी गरीब की बेटी भी बड़ी नाजों से पलती है
दहेजों के लिए तुम उसकी बेटी को न तड़पाओ
तुम्हें है भूख दौलत की तो सुनिए बात को मेरी
कटोरा हाथ में लेकर के सड़कों पर चले आओ…😏😏😏

झूठ ही झूठ है दुनिया में, सच को समझें कैसे,..!
नक़ाबों से भरे बाज़ार में, आईना बेचें कैसे ..!!

गमों की आँधियों में एक दीपक हो खुशी का,
यही बस फलसफा यारों हमारी जिंदगी का,
उदासी और दुःख जिस पर लिखे हों,
वो पन्ना खाक हो जाये हमारी डायरी का।

तुम्हारे चेहरे से रोशन हो जाती हैं रातें मेरी,
मुझे किसी चांद का इंतजार नहीं होता…!

ऑफलाइन होने,
से सिर्फ मेसेज आने बन्द होते है,
कीसी की यादें नही..!!

यार मुझे खुद का टूटना याद है
बिन बात के तेरा रूठना याद हैं
कैसे बोलूं तुमको वापिस आने को
खफा होके यार तेरा जाना याद है

मैने ऊपर वाले से पूंछा कि
मेरी मोहब्बत अधूरी क्यूं लिखी..!!
वो भी रो पड़ा ये कहकर,
मुझे भी राधा कहां मिली…

दूरियां कुछ भी नहीं थी, पर हमें
हो न पाई ढाई आखर की ख़बर…
कुछ कहो मत, वक्त है आया नया,
दे रहा टूटे मुकद्दर की ख़बर…!!

हम बेवजह किसी से, बात नहीं करते
बेवजह किसी को भी,याद नहीं करते
आवाज़ नीचे हो, तो अच्छा लगता है
बच्चे बाप के सामने बोलने की
औकात नहीं करते

कुछ पैसे बचा कर रखे हैं मैंने,
ख्वाब टूटेगा तो शराब पर खर्च करूंगा।😒😒

जमाना जिस्म मिलाने का है,
हम दिल मिला बैठे हैं,
सजा तो मिलनी ही थी,
हम यार को खुदा बना बैठे हैं

मुहब्बत थी तो, चाँद अच्छा था,
उतर गई तो , दाग दिखने लगे…..

अरसा हुआ है बिछड़े हुए,पर आज भी ख्याल आता है तेरा….
रुक जाती है कलम लिखने से पहले अगर कहीं नाम आता है तेरा..!🥀✍🏿

तेरे हुस्न ने मज़बूर किया है हमको।
नहीं तो बार-बार मांगने की आदत ना थी।।

मैं नज़र से पी रहा हूँ ये समाँ बदल न जाए,
न झुकाओ तुम निगाहें कहीं रात ढल न जाए.

ये भी अच्छा है की सिर्फ सुनता है दिल,
अगर बोलता तो क़यामत होती !!💞
भूखा पेट, खाली जेब और झूठा प्रेम,
इन्सान को जीवन में
बहुत कुछ सिखा जाता है !!❣️

कुछ ख्वाहिशों का
अधूरा रहना ही ठीक है,
जिन्दगी जीने की ,
चाहत तो बनी रहती है।।

सब कलाई की बात है प्यारे,
वर्ना चूड़ियाँ उतनी हसीन नहीं होती हैं…

पूछा जो उनसे चाँद निकलता है किस तरह,
ज़ुल्फ़ों को रूख पे डाल के झटका दिया कि यूँ।

मुझे मिला ही क्या तुम्हें चाहने के बाद
तुम्हें खुशी नहीं मेरे आने के बाद
मुझे मिला ही क्या तुम्हें चाहने के बाद आज हूं तो अहमियत समझ में आती नहीं बहुत याद करोगे हमारे चले जाने के बाद

इंतजार से थकी इन आंखों में कुछ ख्यालात चाहता हूँ
मेरी शायरी को पढ़ने वाली तुझसे एक मुलाकात चाहता हूँ

गुजर गया वो वक्त, कोई अपना था ,
है तो वो अब भी, मगर अपना नहीं रहा

कोई शहर था जिसकी एक गली,
मेरी हर आहट पहचानती थी,
मेरे नाम का इक दरवाज़ा था,
इक खिड़की मुझको जानती थी

तुम बनो राधिका तो तुम्हारी कसम,
कृष्ण-सा कोई वादा करूँगा नहीं,
जानकी बन के आओ अगर घर मेरे,
राम जैसा इरादा करूँगा नहीं

हर रात एक नाम याद आता है,
कभी सुबह कभी शाम याद आता है,
जब सोचते हैं कर लें दूसरी मोहब्बत,
तब पहली मोहब्बत का अंजाम याद आता है.

इतनी वफादारी ना कर
किसी से यूँ मदहोश होकर…
लोग एक खता के बदले,
सारी वफ़ाएँ भूल जाते हैं..!!😒

कभी ज़िन्दगी
एक पल में गुजर जाती हैं….
कभी ज़िन्दगी का
एक पल नहीं गुजरता….

हमारी मोहबत् ज़माने की मोहताज नहीं
रूह का नूर है जिस्मों का अंधकार नहीं
जो तेरी सांसों से लिखदे ऐसी क़िताब है हम
जनाब ये इश्क़ है खुदा का फरमान नहीं

चाहा ना उसने मुझे बस देखता रहा,
मेरी ज़िंदगी से वो इस तरह खेलता रहा,
ना उतरा कभी मेरी ज़िंदगी की झील में,
बस किनारे पर बैठा पत्थर फेंकता रहा।

लम्हों की खुली किताब हैं ज़िन्दगी
ख्यालों और सांसों का हिसाब हैं ज़िन्दगी
कुछ ज़रूरतें पूरी कुछ ख्वाहिशें अधूरी
इन्ही सवालों के जवाब हैं ज़िन्दगी❣

हम दिल का आशियाना सजाने से डरते हैं, बागों में फूल खिलाने से डरते हैं…..
हमारी एक पसंद से टूट जायेंगे हजारों दिल,तभी तो हम गर्लफ्रेंड बनाने से डरते हैं..!🥀✍🏿

पाया तुम्हे तो सपने सच लगने लगे;
तुम अज़नबी आज अपने लगने लगे;
होता नहीं यकीं खुद की किस्मत पर;
तुम मेरी धड़कन मे बसने लगे।

तन्हाई का उने मंज़र नहीं देखा,
अफ़सोस की मेरे दिल के अन्दर
नहीं देखा,दिल टूटने का दर्द वो
क्या जाने,वो लम्हा उसने कभी
जी कर नहीं देखा।

जो मिला नहीं बस उसी की चाहत रहती है
जो मिल गया फिर उसकी कद्र कहां रहती है..😞

लगा दिया है ताला अपने दिल मे मेरी जान,
अब जो इसके लायक होगा वही खोलेगा.🥀

मेरी तस्वीर में रंग और किसी का तो नहीं ,
घेर ले मुझको सब आके, मैं तमाशा तो नहीं ,
ज़िन्दगी तुझसे हर इक साँस पे समझौता करूँ ,
शौक़ जीने का है मुझको, मगर इतना तो नहीं.

सूरज से ज़ंग ज़ितने निकले थी बेवकूफ
सारे सिपाही मोम के थे, धूल के आ गए

मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं
चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद
के लिए

और वो मेरे दिल का पसंदीदा शख्स है…
उसके ज़िक्र पर तो रूह भी मुस्कुराती है!

सुनो आज थोड़ा प्यार जता दु,,
तुम मेरी हो ये दुनिया को बता दु.🥀

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